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कवर्धा वनमंडल में वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से बायसन (गौर) मृत्यु प्रकरण का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

कवर्धा दिनांक: 17-12-2025 वनमंडल अंतर्गत वन परिक्षेत्र कवर्धा के बंजारी वृत्त स्थित धवईपानी परिसर के कक्ष क्रमांक आर.एफ.-47, ग्राम जामपानी में 02 नग बायसन (गौर) मृत अवस्था में पाए जाने की सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की गई। सूचना मिलते ही विभागीय अमले द्वारा मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सुरक्षित किया गया तथा जप्ती एवं जांच की विधिवत कार्यवाही प्रारंभ की गई।

प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए 02 आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 2 सहपठित धारा 16 (क, ख, ग), धारा 20, 35, 39, 50, 51 एवं लोक संपत्ति निवारण नुकसान अधिनियम, 1984 की धारा 3 के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21614/13 दिनांक 16.12.2025 पंजीबद्ध कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की गई।

जांच को सुदृढ़ बनाने हेतु तत्काल डॉग स्क्वाड की प्रशिक्षित टीम को मौके पर बुलाया गया, जिनके द्वारा प्रशिक्षित श्वान की सटीक निशानदेही पर घटनास्थल से खूंटी एवं अन्य सामग्री जप्त की गई। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में जिला पशु चिकित्सा विभाग की टीम तथा रायपुर से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा मृत 02 नग बायसन (गौर) के अंगों से फॉरेंसिक जांच हेतु वैज्ञानिक पद्धति से नमूने एकत्र किए गए।

इस प्रकरण में विभागीय दायित्वों की समीक्षा करते हुए मुख्य वन संरक्षक, दुर्ग वृत्त, दुर्ग द्वारा परिक्षेत्र सहायक बंजारी ललित यादव एवं वनमंडलाधिकारी कवर्धा द्वारा परिसर रक्षक अनिल राजपूत को निलंबित किया गया है।

वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए मृत 02 नग बायसन (गौर) के शवों को विधिवत रूप से एकत्र कर मुख्य वन संरक्षक (दुर्ग वृत्त, दुर्ग), मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक, उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व, रायपुर (छ.ग.), वनमंडलाधिकारी कवर्धा, उपवनमंडलाधिकारी कवर्धा, अधीक्षक भोरमदेव अभ्यारण्य कवर्धा तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी कवर्धा की उपस्थिति में नियमानुसार दहन की कार्यवाही संपन्न कराई गई।

डॉग स्क्वाड की निशानदेही पर की गई कार्रवाई के दौरान टीम समीप स्थित संदिग्ध के घर तक पहुंची, जहां से जी.आई. तार, भुना हुआ मांस, सुअर का दांत, मोर का पैर सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री जप्त की गई। इसके पश्चात् आरोपी कुंवर सिंह बैगा एवं दशरू बैगा को गिरफ्तार कर विधिसम्मत कार्यवाही उपरांत माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा छोटे वन्यप्राणियों के शिकार हेतु तार बिछाकर विद्युत प्रवाहित की गई थी, जिसकी चपेट में दुर्भाग्यवश बायसन आ गया। बायसन के शिकार की उनकी कोई मंशा नहीं थी। तथापि, वन्यजीव संरक्षण कानूनों के अंतर्गत ऐसे कृत्य गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं, जिस पर विभाग द्वारा सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

वनमंडलाधिकारी कवर्धा द्वारा समस्त क्षेत्रीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सघन क्षेत्रीय गश्त बढ़ाने, अवैध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने तथा सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग वन्यजीव संरक्षण एवं जैव विविधता की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु प्रभावी एवं सतत कार्रवाई जारी रहेगी।

 

 

 

 



 

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