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यूरिया खाद की चल रही है कालाबाजारी

एक ट्रक यूरिया में एक ट्रक पैकिंग खाद लेना अनिवार्य किया गया है अगर नहीं लेंगे तो खाद लेने से वंचित किया जायेगा ।

जिले के किसानो  को मार्केट मे यूरिया लगभग 500 रु से लेकर 900 रु तक में खरीद रहे है ।आज भी प्रदेश मे यूरिया ब्लैक मे बिक रहा है जिसका mrp 266.50 रु है प्रदेश के रेल्वे हेड मे बैठे बड़े लोगों के द्वारा यूरिया की खुलेआम कालाबाजारी करवा रहे है। प्रदेश मे जो यूरिया,DAP एवं अन्य खाद की रैक लगती है उसके लिए सरकार के द्वारा खाद वितरण के लिए सभी रेलवे हेड में विभाग के द्वारा टीम बनाना चाहिए। ताकि प्रदेश के छोटे छोटे व्यापारियों को खाद मिल सके । अगर स्थिति यह है कि प्रदेश का खाद को कुछ बड़े खाद माफियाओं के कारण छोटे छोटे व्यापारियों को खाद नहीं मिल रहा  है इस पर राज्य सरकार को ध्यान देना चाहिए यही स्थिति रही तो प्रदेश के किसानो को कब तक ब्लैक मे खाद खरीदना पड़ेगा । ज़िले का यूरिया,DAP खाद अन्य प्रदेश मे बिक रहा है उस पर कृषि विभाग के द्वारा पोस मशीन की जांच क्यों नहीं करती है ओटीपी के माध्यम से अन्य प्रदेश के कुछ व्यापारियों के द्वारा किसानो के नाम से खाद का बिल बनवा लेते है उसके बाद अपने प्रदेश मे ले जाकर उसी खाद को अधिक रेट मे बेच रहे है और हमारे जिले के किसानों भाइयों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है उसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दे पा रहा है आज यह स्थिति है कि छोटे दुकानदारों को एक ट्रक 500 बोरी यूरिया जिसका मूल्य 1,33,250/- रुपये होता है डिस्ट्रीब्यूटर और कंपनी के द्वारा एक ट्रक यूरिया लेने पर एक ट्रक पैकिंग खाद खरीदना अनिवार्य कर दिया गया है अगर पैकिंग खाद नहीं खरीदोगे तो आप लोगों को यूरिया नहीं मिल पायेगा । यही स्थिति के कारण आज किसानों को यूरिया, DAP खाद अधिक रेट में क्रय करना पड़ रहा है जबकि विभाग के द्वारा पत्र जारी करना चाहिए कि जिले का खाद जिले के किसानों को ही पोस मशीन, OTP के माध्यम से जिले के किसानों को बिक्री किया जाये ।जिले का खाद अन्य प्रदेश के किसानों को, व्यापरियों को खाद की बिक्री करते है तो उस पर विभाग के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जाता ।

प्रदेश में रेलवे हेड के माध्यम से जो खाद प्रदेश में सप्लाई हो रहा है उन सभी ट्रकों में GPS ट्रेकिंग, सीसी टीवी कैमरा लगवाया जाये ताकि प्रदेश का खाद प्रदेश के किसानों को मिल सके और किसान ब्लैक से खाद लेने से बच सके जबकि विभाग के द्वारा लाईसेंस जारी किया जाता है तो उन कंपनियों एवं डिस्ट्रीब्यूटर को लादान देने का कोई प्रावधान नहीं रहता । विभाग के द्वारा जो वर्तमान स्थिति में ब्लैक में या अधिक रेट में खाद बिक रहा है उसके लिए गाँव गाँव में कोटवार के माध्यम से खाद का रेट मुनादी करवाना चाहिए एवं विभाग के द्वारा किसान कस्टमर केयर नंबर जारी करना चाहिए ताकि किसान अपनी बात एवं समस्या संबधित अधिकारियों को बता सके ।  विभाग के द्वारा उड़नदस्ता टीम भी बनाया जाये ।

 

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