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मोदी सरकार का तोहफा, 5 लाख तक की आमदनी वाले सैलरी क्लास को कोई टैक्स नहीं देना होगा

नई दिल्ली.  मोदी सरकार ने शुक्रवार को अपने कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया. अरुण जेटली की अनुपस्थिति में पीयूष गोयल ने लोकसभा में बजट पेश करने के दौरान बड़ा ऐलान किया कि 5 लाख तक की आमदनी वाले सैलरी क्लास को कोई टैक्स नहीं देना होगा। बता दें कि 5 लाख से 10 रुपए की आय पर 20 प्रतिशत और 10 लाख रुपए से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स देना पड़ता है.  इस स्थिति में ये छूट उन लोगों को परेशान कर सकती है क्योंकि इस बजट में उनके लिए राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही है.  हालांकि अरुण जेटली ने अपने ब्लॉग के जरिए बताया कि 8 लाख सालाना आमदनी वाला व्यक्ति भी नए नियमों के मुताबिक बचत कर सकता है और 10,50,000 रु तक की आमदनी वाले को भी कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा.

आइए, जानते हैं ये कैसे मुमकिन है….

इनकम टैक्स में छूट के लिए कई विकल्प

अगर किसी व्यक्ति की सालाना सैलरी 10,50,000 रु है. उस व्यक्ति की उम्र 60 साल के कम मानी जाए तो उसे 30 फीसदी तक टैक्स चुकाना होगा. 50 हजार रु की स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम 10 लाख हो जाएगी. अगर उस व्यक्ति ने 1.5 लाख तक का निवेश किया है तो 80C के तहत इसे क्लेम कर सकता है.  एनपीएस (नैशनल पेंशन स्कीम) के तहत निवेश करने पर 50 हजार की छूट का लाभ भी वह व्यक्ति ले सकता है.

होम लोन, मेडिक्लेम का ले सकते हैं लाभ

इसके अतिरिक्त होम लोन पर ब्याज के मामले में आयकर कानून की धारा-24 के तहत 2 लाख रुपये तक की छूट के लिए दावा कर सकते हैं, जिसके बाद उस व्यक्ति की टैक्सेबल इनकम 6 लाख तक आ जाएगी. इसके अतरिक्त वह व्यक्ति 25,000 रुपये का व्यक्तिगत मेडिक्लेम जबकि 50,000 रुपये माता-पिता के चिकित्सा बीमा क्लेम कर सकता है. इसके तहत 25,000 रुपये का अतिरिक्त क्लेम भी किया जा सकता है. इसके बाद कुल टैक्सेबल इनकम 5 लाख तक कम हो जाएगी. यहां 5 लाख तक की इनकम पर मिलने वाली पूरी छूट का हकदार वह व्यक्ति होगा. यानी कि अगर आपकी सालाना सैलरी 10,50,000 रु तो आप इन प्रक्रियाओं के जरिए टैक्स के दायरे से खुद को बाहर करते हुए अपनी बचत कर सकते हैं.

5 लाख रु तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं

बता दें कि सरकार ने 5 लाख रूपए तक की आय को टैक्स फ्री करते हुए बड़ी सौगात दी है, जिसका लाभ करीब 3 करोड़ लोगों को मिलेगा. सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए कर दिया है. अगर आपकी सालाना आय 6.5 लाख है और आप पीएफ या किसी निवेश करते हैं, जो 80C और 10(10)D के अंतर्गत आते हैं तो आपको 6.5 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं देना है.

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