धमतरी/मेहनत, लगन और संस्कार जब मिलकर किसी के जीवन का हिस्सा बनते हैं तो सफलता निश्चित ही कदम चूमती है। ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है शहर के प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार के दो सगे भाइयों—रजत अग्रवाल (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और सचिन अग्रवाल (कंपनी सेक्रेटरी) ने।
दोनों भाइयों ने कठिन परिश्रम और दृढ़ निश्चय से अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे अग्रवाल समाज को भी गर्व का अवसर दिया है।
परिवार का गर्व, समाज की पहचान
रजत और सचिन अग्रवाल की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार के संस्कार और आशीर्वाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके दादा श्री सत्यनारायण अग्रवाल का आदर्श जीवन और पिता दीपक अग्रवाल का मार्गदर्शन, दोनों भाइयों के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी साबित हुए। इन्हीं प्रेरणाओं ने उन्हें जीवन में ऊँचाइयाँ छूने की राह दिखाई।आज परिवार में खुशी का माहौल है। परिवारजन का कहना है कि यह उपलब्धि केवल अग्रवाल परिवार की नहीं, बल्कि पूरे अग्रवाल समाज की है। रजत और सचिन की सफलता ने समाज के हर वर्ग को प्रेरणा दी है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिश्रम निरंतर हो तो किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है।
अग्रवाल समाज में शिक्षा और संस्कार की परंपरा को हमेशा सर्वोच्च स्थान दिया गया है। रजत और सचिन की सफलता इस परंपरा को और भी मजबूती प्रदान करती है। समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि ऐसे होनहार युवा समाज की धरोहर होते हैं, जिनकी मेहनत और उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों को प्रोत्साहित करती हैं।
यह उपलब्धि समाज के लिए भी सम्मान का विषय है। समाजजन का मानना है कि रजत और सचिन ने यह सिद्ध कर दिया कि सच्ची लगन और मेहनत से समाज और परिवार दोनों को नई पहचान दिलाई जा सकती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
भाइयों की सफलता से समाज के युवा भी प्रेरित होंगे। आज के प्रतिस्पर्धा भरे दौर में यह उपलब्धि साबित करती है कि निरंतर अध्ययन, धैर्य और आत्मविश्वास ही जीवन में सफलता की कुंजी है।