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नगरीय निकाय के शिक्षकों को दो माह से नहीं मिला वेतन.

कवर्धा 6 मई – शिक्षा कर्मियों अर्थात् पंचायत व नगरीय निकाय के शिक्षक संवर्ग के वेतन भुगतान में विलम्ब किये जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आग उगलते भीषण गर्मी में समर कैम्प लगाने के फरमान से निजात पाने के बाद कक्षा पहली से आठवीं तक एस.एल.ए. परीक्षा के मूल्यांकन, आॅन लाईन एंट्री व प्रगति पत्रक बनाने के काम में शिक्षकों को डेढ़ माह के ग्रीष्मकालीन अवकाश में से पूरे एक माह तक उलझाये रखा। अब पन्द्रह दिन के शेष बचे समय में जब शिक्षक अपने घर लौटे तो खाली हाथ ही जाना पड़ा है। छत्तीसगढ़ पंचायत नगरीय निकाय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि जिले मे ंनगरीय निकाय के अंतर्गत कवर्धा, स-लोहारा, बोड़ला, पिपरिया, पांडातराई व पंडरिया में कार्यरत शिक्षकों को विगत दो माह अप्रैल व मई का वेतन आज पर्यन्त तक नहीं मिला है। पूरे साल भर काम करने के बाद गर्मी की छुट्टियों में परिवार के बीच खाली हाथ लौटने से शिक्षकों की मानसिक स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। नित नये फरमान जारी कर शिक्षकों के प्रति कड़ा रूख अख्तियार करने वाले अधिकारी वेतन भुगतान पर भी उतना ही सख्त क्यों नहीं होते?

पर्याप्त आबंटन के बाद भी पहली तारीख को वेतन भुगतान क्यों नहीं – संघ जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि जिले में शिक्षा विभाग के अंतर्गत वेतन पाने वाले पंचायत शिक्षकों के लिए पहले से ही पर्याप्त आबंटन उपलब्ध है, उसके बाद भी माह मई का वेतन भुगतान नहीं किया गया है। एक वर्ष पूर्व संविलियन के पहले तक पंचायत शिक्षकों की संख्या अधिक होने के कारण विलम्ब होना कुछ हद तक उचित माना जा सकता था, लेकिन संविलियन के बाद जिले के चारों विकास खंड को मिलाकर शेष बचे लगभग एक हजार शिक्षकों के वेतन भुगतान में विलम्ब किये जाने से प्रश्न खड़ा होना स्वाभाविक है। पंचायत शिक्षकों के लिए माह के पहले तारीख को वेतन पाना आज भी दिवास्वपन से कम नहीं है।

बगैर वास्तविक गणना के मांग पत्र से संचालनालय नाराज – पंचायत संचालनालय रायपुर ने विगत 26 अप्रैल को सभी जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र लिखकर शिक्षा कर्मियों के वेतन भत्तों के लिए निर्धािरत प्रारूप में मांगपत्र उपलब्ध कराने कहा था, लेकिन बगैर वास्तविक गणना के निर्धारित प्रारूप से अलग मांगपत्र भेज दिया गया। बिना वास्तवकि गणना के जानकारी देने से नाराज पंचायत संचालनालय ने कड़ा पत्र जारी करते हुए इसी मुद्दे पर आगामी 11 जून को पंचायत संचालक की अध्यक्षता में अटल नगर रायपुर में बैठक आयोजित किया है, जिसमें जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारियों को वास्तविक गणना कर निर्धारित प्रारूप में मांगपत्र के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने भी जिले के सभी विकास खंड शिक्षा अधिकारियों को लिखे पत्र में वास्तविक गणना न कर अनुमानित गणना के आधार पर मांगपत्र भेजने को उच्च कार्यालय के आदेश की अवहेलना व कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही तथा स्वेच्छाचारिता का परिचायक होने के साथ-साथ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 में निहित प्रावधान के विपरीत करार देते हुए अंतिम अवसर देकर शिक्षा संवर्ग के वेतन भत्ते एवं एरियर्स राशि की वास्तविक गणना कर निर्धारित प्रारूप में मांगपत्र आगामी नौ जून तक उपलब्ध नहीं कराने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दिया है।

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