केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) – सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, भुवनेश्वर के तत्वावधान में “लर्निंग आउटकम्स एवं पेडागॉजी” विषय पर एकदिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम का सफल आयोजन दिनांक 24 अगस्त 2025 को दिल्ली पब्लिक स्कूल, महाराजपुर (कवर्धा, छत्तीसगढ़) में किया गया। इस प्रशिक्षण में सनराइज पब्लिक स्कूल, एम्बिशन पब्लिक स्कूल, प्रेरणा पब्लिक स्कूल तथा दिल्ली पब्लिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक खंडेलवाल (एकेडमिक डायरेक्टर, डॉ. जे.बी. सिंह मेमोरियल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, राजनांदगांव) एवं आशीष तिवारी (एच.ओ.डी. गणित, अभ्युदय स्कूल, कवर्धा) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में लर्निंग आउटकम्स का महत्व, आवश्यकता तथा शिक्षा में बदलाव की अनिवार्यता पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही Children with Special Needs (CSN) के लिए उपयुक्त लर्निंग आउटकम्स का निर्माण, उनके व्यवहारिक उपयोग, ब्लूम टैक्सोनॉमी के विभिन्न स्तरों के आधार पर अधिगम उद्देश्यों की स्पष्टता, लर्निंग आउटकम्स की विशेषताएँ एवं सही तरीके से उन्हें फ्रेम करने की तकनीक, मूल्यांकन का उद्देश्य एवं आउटकम्स के साथ उसका संरेखण, रूब्रिक्स (Rubrics) के प्रयोग द्वारा निष्पक्ष मूल्यांकन के महत्व तथा 21वीं सदी के कौशल जैसे क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोलैबोरेशन और कम्युनिकेशन पर भी गहन विमर्श हुआ।
हैंडआउट गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों ने स्वयं लर्निंग आउटकम्स तैयार कर मंच पर प्रस्तुत किए और मूल्यांकन से जुड़ी नवाचारी रणनीतियाँ साझा कीं, जिससे सभी प्रतिभागियों के बीच विचार-विनिमय और सीखने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनी।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, स्पष्ट अधिगम लक्ष्यों, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए उपयुक्त रणनीतियों, 21वीं सदी के कौशल एवं पारदर्शी मूल्यांकन तकनीकों से सशक्त बनाना था, ताकि छात्रों में दक्षता-आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा सके और सीखने के परिणामों में सुधार हो। दिल्ली पब्लिक स्कूल, महाराजपुर की प्राचार्या ग्रेसिया एन फीग्रेड ने कहा – “यह प्रशिक्षण अत्यंत इंटरेस्टिंग और लाभकारी रहा। इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों को नई सोच और बेहतर पद्धतियों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं, जो सीधे विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को उन्नत करते हैं।”
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने CBSE और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भुवनेश्वर के प्रति आभार व्यक्त किया।