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छत्तीसगढ़ प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से नगद खाद विक्रय व्यवस्था पुनः लागू की जाए, ताकि किसानों को ब्लैक में मार्केट से खाद खरीदी ना करना पड़े

उर्वरक परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ट्रकों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, सीसी टीवी कैमरा लगाने हेतु मांग की गई ।

होलसेलरों की मनमानी से प्रदेश एवं जिलों में फुटकर व्यापारियों की बढ़ी परेशानी, महंगे दर पर यूरिया क्रय से बिक्री प्रभावित

किसानों को खाद POS प्रणाली के माध्यम से ही दिया जाए, जिससे स्थानीय किसानों को प्राथमिकता मिल सके। अन्य प्रदेश के किसानों को खाद का वितरण ना किया जाये ।

कवर्धा, कबीरधाम जिले में इन दिनों होलसेलर व्यापारियों द्वारा फुटकर व्यापारियों को यूरिया खाद अधिक दर पर दिए जाने के कारण गंभीर स्थिति बन गई है। बढ़ी हुई कीमतों के चलते फुटकर व्यापारी न तो उचित मूल्य पर खाद बेच पा रहे हैं और न ही किसानों की मांग पूरी कर पा रहे हैं, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

इसी समस्या सहित विभिन्न मांगों को लेकर कवर्धा कृषि व्यापारी एसोसिएशन द्वारा 12 अप्रैल 2026 को घोटिया फार्म हाउस, कवर्धा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलेभर के खाद व्यापारियों ने भाग लेकर वर्तमान समय में खाद व्यवसाय संचालन के दौरान आ रही व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि होलसेलर स्तर पर यूरिया खाद अधिक दर पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे फुटकर व्यापारियों के लिए निर्धारित दर पर बिक्री करना कठिन हो गया है। इस स्थिति में व्यापारी आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं और किसानों के साथ भी असहज स्थिति बन रही है।

सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए व्यापारियों ने शासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें सभी फुटकर खाद विक्रेताओं को शीघ्र POS मशीन उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रही, ताकि खाद वितरण में पारदर्शिता लाई जा सके। साथ ही यह भी प्रस्ताव रखा गया कि उर्वरकों का वितरण केवल जिले के किसानों को आधार आधारित POS प्रणाली के माध्यम से ही किया जाए, जिससे स्थानीय किसानों को प्राथमिकता मिल सके।

बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में बाहरी कंपनियों द्वारा पिकअप वाहनों के माध्यम से हो रही अवैध खाद बिक्री पर भी चिंता व्यक्त की गई। इस पर रोक लगाने के लिए उड़नदस्ता टीम गठित कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा उर्वरक परिवहन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु ट्रकों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य करने की भी बात कही गई।

व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनियां एवं डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा यूरिया के साथ जबरन महंगे पैकिंग मटेरियल लेने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि इसके लिए कोई स्पष्ट शासकीय आदेश नहीं है। साथ ही बायो उत्पाद, नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया की खरीद के लिए भी दबाव डाला जा रहा है। व्यापारियों ने इन अनियमितताओं पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

इसके अतिरिक्त राज्य सरकार से आग्रह किया गया कि उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व की तरह सहकारी समितियों के माध्यम से नगद विक्रय व्यवस्था पुनः लागू की जाए, ताकि किसानों को ब्लैक मार्केट से यूरिया, डीएपी खाद खरीदने की मजबूरी न हो।

अंत में एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष कुमार अग्रवाल ने शासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की, जिससे व्यापारियों एवं किसानों दोनों को राहत मिल सके।

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