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गुजरात से दो लाख खर्च कर निजी वाहन से लौटे 38 में से पांच प्रवासियों का बॉडी टेंप्रेचर हाई मिला

हल्द्वानी, जेएनएन : दूसरे राज्यों में फंसे उत्तराखंड के प्रवासियों के घर लौटने का सिलसिला जारी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की चुनौती बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को गुजरात से लौटे 38 प्रवासियों में से पांच का बॉडी टेंप्रेचर ज्यादा मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पांव फूल गए। इन सभी के नमूने लेकर जांच के लिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, एसटीएच में इन्हें आइसोलेट भी किया जाएगा। रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। बता दें कि कोरोना संक्रमण के मामले अब ज्यादातर प्रवासियों में मिल रहे हैं। ऐसे में चुनौतियां बढ़ गईं हैं। कुमाऊं में मंडल में अब तक 28 लोगों में कोरोना संक्रमण मिल चुका है।

गौलापार स्टेडियम में हो रही प्रवासियों की स्क्रीनिंग

दूसरे राज्यों फंसे प्रवासियों को कुमाऊं आने पर हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में रोका जा रहा है। जहां उनके स्वास्थ्य का परीक्षण कराने के बाद उनके गृह जनपद भेजा जा रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाहर से पहुंचे सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की। जिनमें से 33 लोग सही पाए गए, लेकिन पांच लोगों का बॉडी टेंप्रेचर सामान्य से अधिक मिला। मौके पर मौजूद डाक्टर ने बताया कि एहतियात के तौर पर इन पांच लोगों को आगे की जांच के लिए एसटीएच में भर्ती किया जाएगा।

एसटीएच के नाम से डरे प्रवासी

शरीर का तापमान अधिक होने पर पांचों प्रवासी एसटीएच में आइसोलेट करने के कारण डर गए हैं। उनका कहना था कि एसटीएच में भर्ती करने के बजाए स्टेडियम में ही जांच की जांए। दो लाख रुपये खर्च कर निजी वाहन से हल्द्वानी पहुंचे प्रवासियों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण काफी झेल चुके हैं। बहुत मशक्कत के बाद हल्द्वानी पहुंचे हैं। हमारी जांच पहले स्टेडियम में ही की जाए। रिपोर्ट आने के बाद ही निर्णय लिया जाए। रिपोर्ट पॉजिटिव आए तो एसटीएच में आइसोलेट किया जाए और निगेटिव आए ताे घर भेज दिया जाए।

कुमाऊं में संक्रमितों की संख्या 28 हुई 

कुमाऊं में कोरोना संक्रमितों की संख्या 28 हो गई है। जिनमें नैनीताल के 12, अल्मोड़ा में दाे और ऊधमसिंहनगर में 14, जिसमें पंजाब का ट्रक ड्राइवर भी शामिल है संक्रमित मिल चुके हैं। यूएस नगर और नैनीताल जिले के संक्रमितों का इलाज हल्द्वानी के सुशीला तिवारी में मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जबकि अल्मोड़ा के संक्रमित का इलाज वहीं बेस जिला अस्पताल में आइसोलेट कर किया जा रहा है।



 

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