कवर्धा। बहुप्रतीक्षित कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेलवे परियोजना को शीघ्र प्रारंभ कराने के उद्देश्य से रेलवे संघर्ष समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति के पुनर्गठन, आगामी कार्ययोजना एवं जनआंदोलन को पुनः सशक्त स्वरूप देने के संबंध में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि यह रेल परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि कबीरधाम, खैरागढ़, मुंगेली एवं आसपास के समूचे क्षेत्र के आर्थिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, पर्यटन एवं सामाजिक विकास की आधारशिला है।
बैठक में वरिष्ठ सदस्य बंटी (मनीष) तिवारी ने कहा कि वर्षों से लंबित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति दिलाने के लिए अब समिति संगठित रूप से क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों से भेंट करेगी। उन्होंने सांसद, विधायक, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री तथा रेल मंत्रालय के समक्ष क्षेत्रवासियों की भावनाओं एवं मांगों को मजबूती से रखने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्य प्रारंभ कराने के लिए निर्णायक पहल की आवश्यकता है। उनके इस प्रस्ताव का सभी उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से समर्थन किया।
बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि निखिलेश सोनी ‘प्रतीक’ ने कहा कि कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेलवे लाइन पूरे अंचल की महत्ती एवं ऐतिहासिक विकास परियोजना है। उन्होंने इस परियोजना के समर्थन में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, गांव-गांव संपर्क अभियान, युवाओं, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों एवं प्रबुद्ध नागरिकों को जोड़ने तथा इस जनहित के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक यह परियोजना धरातल पर नहीं उतरती, तब तक समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखना होगा।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे संघर्ष समिति को पुनः सक्रिय एवं संगठित कर इस जनहितकारी अभियान को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में प्रमुख रूप से वरिष्ठ समाजसेवी श्री संजय श्रीवास्तव, श्री बंटी (मनीष) तिवारी, राजेश माखीजानी, वरिष्ठ अधिवक्ता दीनानाथ शर्मा, सनत तिवारी, अयोध्या चंद्रवंशी, श्री पी.पी. बलभद्र, गोपी शर्मा, महेंद्र शर्मा, संदीप शर्मा, सुभाष गुप्ता, आशुतोष गुप्ता, पार्षद सोनू सुषमा उपाध्याय, देवांगन समाज के अध्यक्ष एवं पूर्व सभापति नरेंद्र देवांगन, नंदकिशोर सोनी, संजय देसाई, बलबीर खनूजा, चौबे जी, बंशी कौशिक, धनेंद्र कौशिक, गौरीशंकर तिवारी, राजा भारद्वाज, सनमति पाण्डेय, विवेक शर्मा, वैभव देवांगन, सोमेश उपाध्याय, अनुप भास्कर, रमेश कुमार, सतीश शर्मा, सोमनाथ योगी, प्रभात गुप्ता, देवेन्द्र कुमार पाण्डेय, डॉ. अमित कुमार शर्मा, निखिलेश शरण सोनी ‘प्रतीक’, संजय झाडे, संतोष सिंह ठाकुर, रंजीत कश्यप, सेनानाथ झा, प्रमोद प्रसाद चंद्रवंशी, पी.एन. वर्मा, शिवप्रसाद यादव, गंगा गुप्ता, मनोज गुप्ता, मनोज शर्मा, महेश पाण्डेय, सुनील साहू, कैलाश पटेल, दिलीप पटेल तथा हरिनारायण गोपाल सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, अधिवक्ता, पत्रकार, व्यापारी, बुद्धिजीवी एवं रेलवे समर्थक नागरिक उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि रेलवे संघर्ष समिति का विधिवत पुनर्गठन आगामी बैठक में किया जाएगा तथा अध्यक्ष, संरक्षक, कार्याध्यक्ष, संयोजक, सह-संयोजक, महासचिव, सचिव, मीडिया प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से मनोनयन किया जाएगा, ताकि समिति और अधिक संगठित एवं प्रभावी ढंग से क्षेत्र की इस बहुप्रतीक्षित रेलवे परियोजना के लिए संघर्ष कर सके।
अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि कटघोरा–कवर्धा–डोंगरगढ़ रेलवे परियोजना के निर्माण तक संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। जन-जागरण, जनसंपर्क, जनप्रतिनिधियों से संवाद एवं लोकतांत्रिक आंदोलनों के माध्यम से इस बहुप्रतीक्षित परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। बैठक का समापन भारत माता के जयघोष एवं क्षेत्र के विकास के संकल्प के साथ हुआ।

CG Janmanch